SILO Structure kya hai? Flat Vs SILO Structure SEO

क्या आप High competition Keywords के लिए रैंक करना चाहते है या आप High DA, PA वाली websites को Beat करना चाहते हो और अपनी वेबसाइट को उनसे Better रैंक दिलाना चाहते हो, तो इस तरह के कारनामे करने के लिए आपको अपनी वेबसाइट में SILO Structure को अपनाना होगा.  इस आर्टिकल में हम इन टॉपिक्स पर चर्चा करने वाले है –

  1. SILO Structure kya hai?
  2. अपनी वेबसाइट में SILO Structure को कैसे बनाया जाता है?
  3. SILO Structure को कैसे Use किया जाता है?
  4. क्या हम SILO Structure को WordPress और Blogger दोनों में बना सकते है?

ऐसे ही बहुत सारे सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल में देखने को मिलेंगे. वैसे ये कोई कठोर चीज नहीं है, ये SILO बस नाम से अजीब लगता है. इसके अर्थ को आप अभी कुछ ही देर में अच्छे से समझ जायेंगे.

SILO का शाब्दिक अर्थ:

SILO वर्ड Silage वर्ड से बना है और Silage उस चारे को कहा जाता है जो सर्दियों में जानवरों के खाने के लिए बचाया जाता है. यूरोप साइड में जब 8 महीने लगातार ठण्ड पड़ती है तो उस समय वहां के जानवर बाहर नहीं चार पाते है. इसलिए गर्मियों के महीनो में घास को लोग इकठ्ठा करके जमीन में निचे  गहरे-गहरे गड्डो में दबाकर रख देते थे.

ऐसे में बाहर काफी ठण्ड होती थी लेकिन निचे ज़मीं में गर्मी होने के कारण वो चारा Safe रहता था और लम्बी सर्दियों में जानवरों को यही चारा खिलाया जाता था. अब ये जो गर्मियों का बचाया हुआ चारा होता था इसे Silage कहते थे और जिन गड्डो में इस Silage यानि चारे को रखा जाता था उसे SILO कहते थे.

अब जब कोई नया-नया SEO में आता है और सुनता है SILO तो उसे लगता है कि पता नहीं ये कौन सी Rocket Science है लेकिन वास्तव में SILO तो एक ज़मीन में बना हुआ गहरा सा गड्डा होता है जिसमे जानवरों का चारा रखा जाता है.

SILO Structure Kya Hai?

SILO Structure को समझने के लिए आप एक छोटी सी ट्रिक को अपना सकते है. मान लीजिये एक पौधा है और एक पौधा दो तरीके से बड़ा होता है – Horizontal (एक बेल की तरह) और Vertical (एक पेड़ की तरह). इसलिए कोई भी चीज या तो Horizontally ग्रो करती है या Vertically ग्रो करती है.

अब जो websites Horizontally ग्रो करती है यानी जिन websites के कंटेंट का Structure Horizontally  होता है, उसे Flat Structure कहते है. Flat Structure में एक तरफ आपका Home Page होता है और दूसरी तरफ आपके बाकि के Pages होते है. सभी Pages या Topics आपके Home Page से connected होते है और यहाँ पर कोई Seriousness नहीं दिखाई देती है.

Flat Structure in website. SILO Structure

इसी के विपरीत जो websites Vertically Grow करती है यानि जिन websites का कंटेंट Vertically सेट होता है, उसे SILO Structure कहते है. इसमें आप एक ही Keyword या Topic के उपर बहुत कुछ जानते है, इनका आपस में Deep Connection होता है. इसमें आप लयबद्ध तरीके से एक टॉपिक पर कंटेंट लिखते है और इनका Deep Structure होता है, एक ही Category में एक के बाद एक Pages होते है जो यूजर को उस टॉपिक के बारे में पूरी इनफार्मेशन Provide करते है.

SILO Structure kya hai? SILO Structure Diagram

Benefits of SILO Structure

SILO Structure के फायदे निम्नलिखित है –

1. SILO Structure को अपनाकर जब आप किसी एक तरह का कोई Subject या Keyword लेते है और उसके उपर आप खूब-सारा कंटेंट लिखते है तो आप एक ही Subject या Keyword से रिलेटेड जितने भी Keywords है सबको आप अपने कंटेंट में समेट लेते है.  

उदहारण के जैसे आपका कीवर्ड है चाय बनाना. अब आप अपने पेजेज में सिर्फ चाय बनाने के उपर नहीं लिखेंगे बल्कि चाय कैसे बनाते है, चाय कितने तरह की बनती है, मार्किट में चाय के कौन-कौन से नये Flavors आये है  जैसे सभी टॉपिक्स को आप कवर करेंगे. आपको Diversify करना ही पड़ेगा. इसी प्रोसेस में आप चाय बनाने से रिलेटेड सभी छोटे और बड़े Keywords को कवर देंगे.

2. एक ही टॉपिक या Keyword पर बहुत सारा कंटेट आपको सर्च इंजन के सामने अपनी Expertise को Prove करने का मौका देता है. मान लीजिये आपकी एक ही वेबसाइट है और उस पर यूजर को एक ही टॉपिक पर बहुत सारी इनफार्मेशन मिल रही है तो search engines सर्च रिजल्ट में किसी और वेबसाइटको क्यों Recommend करेंगे.

3. एक Normal विजिटर जो आपकी वेबसाइट के किसी पेज पर आता है और उसे और ज्यादा इनफार्मेशन लेने के लिए आपकी वेबसाइट पर ही आप्शन मिल रहे है तो वो आपकी वेबसाइट पर ज्यादा टाइम तक रुकेगा. आप एक Visit को कई visit में Change कर सकते है और जितना ज्यादा यूजर आपकी वेबसाइट पर टाइम Spend करता है उतना ही आपके लिए फायदेमंद रहता है.

4. SILO, आपके Domain और Internal Pages को जो Pagerank मिल रही है उसे सही से Distribute करने में आपकी मदद करता है. अब ये कैसे होता है इसे हम आगे देखेंगे.

5. SILO Structure से वेबसाइट का Structure Discipline हो जाता है. अगर आप एक बिज़नस वेबसाइट बना रहे है तो एक Well Structure होना जरुरी है और अगर आप Professionally Blogging कर रहे है तो भी एक Structure होना जरुरी है. SILO से आपकी वेबसाइट को एक सही Structure मिलता है और वेबसाइट Discipline में रहती है.

अब मैंने आपको SILO Structure के फायदे तो बता दिए है और अब जानते है कि आखिर SILO Structure को कैसे बनाते है?

How to Create A SILO Structure?

अब SILO शब्द का अर्थ तो एक गड्डा होता है लेकिन वेबसाइट कोई Physical Object नहीं है जिसे आप खोद डालेंगे. इसलिए आईये जानते है कि SILO  Structure को कैसे बनाया जाता है?

हम यहाँ पर दोबारा उस चाय वाले Example को use करते है. मान लीजिये हमारा Seed Keyword है TEA. इस Keyword को हम सबसे उपवर वाले बॉक्स में रख्नेगे क्यूंकि ये हमारा Home पेज है.

अब हमे इसके लिए SILOs बनाने है. इसमें Serial Wise इस तरह की Branches हो सकती है

  • How to make Tea
  • Flavours of Tea
  • Tea in different countries

अब इन हर एक ब्रांच के निचे आप कई सारी Sub Branches बना सकते है जैसे –

SILO Structure kya hai? SILO Structure Diagram

इन Branches और Sub Branches का अर्थ है कि आप अपने पेज में जिस भी टॉपिक के बारे मे लिख रहे है आपके यूजर को उस टॉपिक से रिलेटेड सारी इनफार्मेशन या उनके लिनक्स आपके उसी पेज पर मिल जाने चाहिए. इनके अन्दर अगर आप विडियो भी ऐड कर दे तो और भी अच्छा है. कुल मिलकर आपको एक ऐसा पेज बनाना है जिसे पढ़ते-पढ़ते यूजर की Quarry solve हो जाये.

इसी तरह से इस इमेज में दिखाए गए सभी Boxes की जगह पर उस टॉपिक या कीवर्ड से रिलेटेड सभी Pages बना लेंगे. अब इस इमेज में एक पेज में हमने चार SILOs को Use किया है.

अब एक बार जब आप अपने सभी Pages को बना ले तो अब आपको सबसे जरुरी कार्य करना है क्यूंकि अब तक तो आपने सिर्फ कंटेंट लिखा ही जो हर कोई कर लेता है. अब आपको Internal Linking करनी है. अब आपको Internal Linking कैसे करनी है ये आप इस इमेज से समझ सकते है-

SILO Structure Complete Diagram

इस इमेज से आपको कितना समझ आएगा ये तो मैं नहीं जनता हु लेकिन इसके बारे मे मियन आपको कुछ बता जरुर सकता हु. आपका Home पेज आपके इन तीन मुख्य pages को लिंक देगा और आपका ये मुख्य पेज आपके बाकि के पेजेज को लिंक देगा. लेकिन इस SILO का कोई भी पेज किसी दुसरे  SILO के पेज को लिंक नहीं देगा.

जैसे हमने उपर दिखाई गयी इमेज में 3 SILO का इस्तेमाल किया है तो इनमे से हर एक SILO अपने Sub Pages को लिंक ले-दे सकता है लेकिन वो दुसरे SILO के किसी पेज को Link नहीं देगा क्यूंकि वो उससे Relevant नहीं है. सिर्फ आपका होम पेज ही इनमे से किसी भी पेज के साथ Interact कर सकता है.

अब यहाँ पर आपका SILO Structure तो बन गया है लेकिन यहाँ पर एक टॉपिक और रहता है – Link Quality

Link Quality

 जब किसी वेबसाइट का पेज लोड होता है तो उसका उपर वाला हिस्सा सबसे पहले दिखाई देता है जिसे Above the Fold Content भी कहते है. किसी पेज के इस उपर वाले पार्ट में जो  Links होते है वे Best Quality Links मानी जाती है.

all link quality in a website page. SILO Structure

पेज के बिच वाले पार्ट में आने वाली लिनक्स Medium Quality Links होती है और सबसे निचे और Sidebar में दी जाने वाली लिनक्स Lowest Quality Links मानी जाती है.

इस SILO में जब उपर वाला पेज अपने से निचे वाले पेजेज को लिंक देगा तो वो Best Quality Link देगा और जब निचे वाले पेजेज अपने से उपर वाली पोजीशन वाले pages को लिंक देंगे तो वे Low Quality Link देंगे और जो एक SILO के Pages आपस में लिंक देंगे तो वे Medium Quality Links देंगे.

Link Quality In SILO Structure

उम्मीद है आपको यहाँ तक SILO Structure kya hai और इसे कैसे बनाया जाता है, इसके बारे में पता लग गया होगा. अब हम SILO Structure से रिलेटेड कुछ Doubts पर चर्चा  करते  है जो अक्सर पूछे जाते है.

Last Words:

उम्मीद है आपको इस आर्टिकल से SILO Structure के बारे मे गहराई से जानने को मिला होगा. SILO Structure को अपनी वेबसाइट में जरुर से Implement करिए क्यूंकि यह आपके users को एक अलग ही अनुभव देता है. बस आपसे इतनी सी गुजारिश है कि सारी Implementation नैचुरली तरीके से करिए, इससे आपकी अथॉरिटी Increase होगी.

अगर कोई ऐसी इनफार्मेशन है जो रह गयी है तो उसे हमे Comment करके जरुर बताये और अगर आपका कोई और सवाल या सुझाव है तो भी आप हमे जरुर बताये. आपके फीडबैक से हमे अपने कंटेंट की क्वालिटी को Improve करने में मदद मिलती है.

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