5 SEO tips for Blogger and WordPress – SEO guide for Beginner

अगर आपका कंटेंट या आपका आर्टिकल Google के 7वें या 8वें पेज पर रैंक कर रहा है या फिर Google ने अभी तक उसे रैंक ही नहीं किया है और वो टॉप 10 या 1st पे  ज पर नहीं आ रहा है तो इस चीज की वजह शायद आपका कंटेंट है | Google को आपका कंटेंट इस लायक ही नहीं लगा कि वो आपके आर्टिकल को टॉप पोजीशन या 1st पेज पर रैंक कर सकते | नये Bloggers के साथ ये समस्या आती ही है | उनको SEO ( SEO guide for beginner ) का कोई आईडिया नहीं होता और ना ही उनको ये पता होता है कि आखिर Google को क्या चाहिए जिससे Google उनकी साईट को टॉप पोजीशन पर रैंक करवाए और उनकी साईट पर ट्राफिक भी आये |

seo guide for beginner
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SEO Guide for Beginner

इस आर्टिकल में मैं आपके साथ SEO से सम्बंधित ऐसे टिप्स और फैक्टर्स शेयर करने वाला हु जिनका इस्तेमाल करके आप भी अपने आर्टिकल को टॉप पोजीशन पर रैंक करवा सकते है | SEO के बारे में लोग कुछ गलत ही इनफार्मेशन ले लेते है, Google ने किसी भी SEO Expert या टॉप bloggers को ये नहीं बताया है की आप अपने ब्लॉग में ये चीज कर देना और आपका ब्लॉग रैंक करने लग जायेगा |

सभी लोग आपको अपने पर्सनल एक्सपीरियंस से गाइड करने का प्रयास करते है और उन्ही में से कुछ इम्पोर्टेन्ट टिप्स को आज मैं आपके साथ शेयर करूंगा, जिससे आप भी अपने ब्लॉग या वेबसाइट को Google के अन्दर टॉप में रैंक करवा सकते |

1 . User Experience/Satisfaction

जो सबसे पहला फेक्टर है, जो की पूरी ब्लॉग्गिंग और ऑनलाइन दुनिया की इंडस्ट्री का मुख्य कारक है – उपयोगकर्ता संतुष्टि (User Satisfaction) . आपके पेज या साईट पर जो भी यूजर आता है, अगर वो आपके आर्टिकल में आपके द्वारा शेयर किये गए कंटेंट, इमेज, या विडियो से संतुष्ट हो जाता है, तो फिर आपके आर्टिकल को रैंक होने से कोई नहीं हटा सकता | प्रयोगकर्ता का अनुभव (User Experience), आपका कंटेंट भी देगा, आपके द्वारा शेयर की गयी इमेज और विडियो भी देगी, अगर सम्पूर्ण रूप से आपका यूजर आपके कंटेंट से संतुष्ट है तो निश्चित रूप से आपकी ब्लॉगपोस्ट रैंक करेगी |

लेकिन अगर आपका यूजर आपके आर्टिकल से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है और ना ही उसे आपका कंटेंट जानकारीपूर्ण लगा तो फिर आपकी ब्लॉगपोस्ट कभी भी रैंक नहीं करेगी | अब ये प्रक्रिया एक तुलनात्मक रूप से चलती रहेगी | Google, आपकी पोस्ट की किसी दूसरी पोस्ट के साथ तुलना करेगा कि कौन सी पोस्ट यूजर को ज्यादा संतुष्ट कर रही है | एक लम्बा आर्टिकल लिख देने से, उसके अन्दर महंगे-महंगे वर्ड्स डाल देने से आप ये कदापि न सोचे कि आपकी पोस्ट रैंक करेगी | आपको बस ये आईडिया रखना है कि आपकी पोस्ट दूसरी ब्लॉगपोस्ट से ज्यादा अच्छी रहे ताकि वो यूजर के एक्सपीरियंस को सुधार सके |

अगर आपकी पोस्ट आपके यूजर को Satisfy करती है, जो यूजर की जिज्ञासा(Query) थी, वो आपके आर्टिकल से पूरी हो जाती है तो आपकी पोस्ट जरुर रैंक करेगी और अगर दूसरा बन्दा या कोई दूसरा ब्लॉग उसी Query का अच्छी तरह से वर्णन करता है और वो यूजर को ज्यादा संतुष्टि प्रदान करता है तो निश्चित रूप से उसकी पोस्ट रैंक करेगी |

2. CTR Effective Title & Description

आपने बहुत सारे आर्टिकल्स और Videos देखी होगी, जहाँ पर आपको बताया जाता है कि आपको अपने आर्टिकल में Title ऐसे डालना है, Description ऐसे डालनी है | यहाँ पर Google में आपकी पोस्ट को रैंक करवाने में जो मुख्य कारक काम करता है वो है – CTR(Click Through Rate). अगर Google आपकी पोस्ट के लिंक को दस लोगो को शेयर करता है और उसमे से सिर्फ एक ने ही आपके लिंक पर क्लिक किया है तो आपकी उस पोस्ट का CTR 10 % रहेगा | जितना कम आपका CTR रहेगा उतनी ही कम प्रभावशाली आपकी पोस्ट रहती है क्यूंकि Google को क्या फायदा है आपकी पोस्ट को बार-बार लोगो को दिखाने का क्यूंकि लोग आपकी पोस्ट पर क्लिक कर ही नहीं रहे है |

CTR को सुधारने के साथ – साथ आपको अपने Title को भी प्रभावशाली बनाना है | जो भी कंटेंट आपने अपनी पोस्ट में शेयर किया है उसी से सम्बंधित आपको एक Title देना है |आप अपने प्रतिद्वंदी के title का अच्छे से मुल्यांकन करो और उसको एक बेहतर तरीके से लिखने का प्रयास करो ताकि उस पर ज्यादा CTR आये | अगर आप अपने प्रतिद्वंदी को देखकर काम करोगे तो आपको एक निर्देशित पथ मिलेगा, जिस पर चलकर आप ज्यादा नहीं भटकोगे और जो चीजे इंडस्ट्री में पहले से काम कर रही है आप उसी के आस-पास का कुछ try करोगे |

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ऐसा ही हमारे Description के साथ भी होता है, ताकि यूजर आपके Description को पढ़े और पढ़ने के बाद वो आपके लिंक पर क्लिक करे | आपने भी अपने एक्सपीरियंस में देखा होगा कि जब भी आप Google में कुछ सर्च करते हो और जो लिस्ट आपके सामने आ जाती है आप उनके Titles के साथ-साथ उनकी Description भी पढ़ते हो तब अगर आपको लगता है कि अन्दर का content आपको काम दे देगा तो ही आप किसी लिंक पर क्लिक करते हो | इसी लिए आप अपनी Description में अपनी पोस्ट का अच्छी तरह से उल्लेख करे ताकि उस पर ज्यादा क्लिक्स आये जिससे आपका CTR भी जरुर बढ़ेगा |

3. Site Loading Speed

आपकी साईट कितनी जल्दी से लोड हो जाती है, इससे भी आपकी साईट की रैंकिंग पर काफी ज्यादा फर्क पड़ता है| अगर आपकी साईट जल्दी लोड हो जाती है तो आपके यूजर को आपका कंटेंट खुलने का ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा |

लेकिन, अगर आपकी साईट लोड होने में ज्यादा समय लेती है, पेज जल्दी नहीं खुलता है तो ये सब होने का थोडा बहुत फैक्टर आपकी बड़ी-बड़ी इमेज, Videos, या अगर आपने कोई फालतू का प्लगइन इंस्टाल किया हुआ है तो वो हो सकता है | लेकिन ये चीज बहुत कम दिक्कत करती है जो बड़ी दिक्कत रहती है वो है आपकी होस्टिंग |

अगर आप ढंग की होस्टिंग इस्तेमाल नहीं करोगे, अच्छी Reliable होस्टिंग नहीं अपनाओगे तो आपको ये वाली दिक्कत बहुत ज्यादा आने वाली है |Google भी खुद ही बताता है कि अगर आपकी साईट लोड होने में 3 सेकंड से ज्यादा टाइम ले रही है तो आपका 10-20 % ट्रैफिक वही से वापिस हो जाता है, वो ट्रैफिक आपकी साईट पर आता ही नहीं है | ये चीज आपने भी देखी होगी कि जब भी आप किसी वेबसाइट पर जाते हो अगर वो जल्दी लोड हो जाती है तो आप उसका content पढ़ते हो और अगर वो जल्दी लोड नहीं होती तो आप वापिस Back आ जाते हो |

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अगर आपकी साईट देर से लोड होती है तो इससे आपका Bounce Rate बहुत बढ़ जाता है, आपका Average Session Duration और Pages Per Session के साथ- साथ और भी बहुत सारी चीजेकम हो जाती है, जिससे सम्पूर्ण रूप से आपकी साईट की रैंकिंग कम हो जाती है |  इन सबके समाधान के लिए आपको एक Reliable और Faster होस्टिंग लेना बहुत जरुरी है, फ्री होस्टिंग आप कभी भी मत लेना क्यूंकि वहां पर आपको बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और आपका उन पर कोई नियंत्रण नहीं रहता है |

इसलिए अगर आप एक नये Blogger हो तो मैं आपको Hostinger को Recommend करता हु |  Hostinger आपको बहुत कम रेट्स में बहुत Reliable और Faster होस्टिंग प्रदान करता है | ये होस्टिंग कई सालो से ट्रेंडिंग में चल रही है | इनकी होस्टिंग लेने से आपको बहुत सारे फीचर और सर्विस फ्री में मिलती है | अगर आप Hostinger के फायदे, इसके फीचर और कैसे इसमें अपने ब्लोग को सेटअप किया जाता है – ये सब जानना चाहते है तो यहाँ Click here पर क्लिक करे |

4. Control your Bounce Rate

Bounce Rate को कण्ट्रोल करने के बहुत सारे फैक्टर्स है | Bounce Rate से तात्पर्य – जब भी कोई यूजर आपकी साईट पर आता है, अगर उसने आपकी साईट पर किसी अगले पेज या लिंक पर क्लिक किया तो ठीक है और अगर नहीं किया तो वो वापिस बैक चला जायेगा | इस प्रकार के यूजर को हम Bounced User कहते है |

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कोई यूजर आपकी साईट पर आता है और अगर वो बिना किसी इंटरेक्शन के, बिना किसी क्लिक और पेज पर जाये, वो वापिस पीछे (Back) आ जाता है तो इसी प्रक्रिया से आपका Bounce Rate तय होता है | जितना ज्यादा आपका Bounce Rate रहेगा, उतनी ही कम प्रभावशाली आपकी वेबसाइट रहेगी | आपको ये प्रयत्न करना है कि यूजर आपकी साईट पर आये और फिर वो आपकी साईट पर ही चलता जाये जैसे कोई एक कंटेंट के बाद कोई दूसरा कंटेंट देखा फिर तीसरा आदि | अगर आप इस चीज को अच्छे तरीके से करते हो तो आपका Bounce Rate जरुर कम होगा |

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Bounce Rate को फिक्स करने के बहुत सारे तरीके है लेकिन इसे कम करने का एक बेसिक आईडिया अगर मैं आपको दू तो इसमें आपको Internal Linking बहुत मदद करती है | इसीलिए जो Top Bloggers और Pro Bloggers है वो बोलते है कि अपने आर्टिकल्स में Internal Linking करो | Internal Linking करने का मुख्य कारण यही होता है कि इससे आपका Bounce Rate नियंत्रण में रहता है |

5. Increase Avg. Session Duration & Pages Per Session

ये दोनो आपस में जुड़े हुए होते है इसलिए मैंने इन्हें एक ही पॉइंट में रखा है | Average Session Duration से तात्पर्य है कि कोई यूजर आपकी साईट पर आया है, वो कितने समय तक आपकी साईट पर रहता है जैसे अगर कोई यूजर आपकी साईट पर 10 मिनट तक रहता है तो उस केस में आपका Average Session Duration 10 मिनट का रहेगा और जब कोई अगली बार आपकी साईट पर आता है और वो आपके पेज पर 5 मिनट ही रुकता है तो अब आपका कुल Average Session Duration – 7 मिनट का रह जायेगा | इस तरह से हम एक औसत निकाल लेंगे और इसी तरह से हमारे Average Session Duration की गणना होती है |

Pages Per Session भी ऐसे ही काम करता है, एक बार आपका यूजर आपकी साईट पर आने के बाद जितने ज्यादा Pages को देखता चला जायेगा, वो आपका Pages Per Session कहलाता है यानी कि एक सेशन में आपके यूजर ने कितने Pages को देखा | जितना ज्यादा Pages को आपके यूजर देखेंगे, उतना ही ज्यादा उनको आपकी साईट पर टाइम लगेगा और जैसे-जैसे आपके Pages Per Session बढ़ेंगे वैसे-वैसे आपका Average Session Duration भी बढ़ जायेगा | उसी प्रकार अगर आपका Average Session Duration बढ़ता है तो सीधे तो नहीं लेकिन कुछ हद तक आपका Pages Per Session भी बढ़ता है |

Avg. Session Duration और Pages Per Session ज्यादतर मामलो में एक दुसरे से जुड़े हुए ही रहते है | आप अपने Average Session Duration कोबढ़ाने के लिए बहुत सारे तरीको को अपना सकते है और इसमें भी आपको Internal Linking बहुत ज्यादा मदद करती है | Internal Linking की मदद से आप अपने यूजर को अपनी साईट पर लम्बे समय तक रख पाते हो | इसलिए आप अपने ब्लॉग में अच्छे से Internal Linking करने का प्रयत्न करे, ये आपको जरुर अच्छे रिजल्ट्स देंगे |

Friends, ये कुछ महत्वपूर्ण स्टेप्स थे जिनको आप अपने ब्लॉग में इस्तेमाल करके अपनी पोस्ट को Google में टॉप पोजीशन पर रैंक करवाकर उससे अच्छी -खासी कमाई कर सकते हो |  

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