Helpful content system | 6th Google ranking signal

इस आर्टिकल में आज हम 6th Google Ranking Signal –  Helpful Content System के बारे मे बात करंगे. ये 6th  Ranking Signal है और इसी प्रकार से हमने एक-एक करके सभी 19 Google Ranking Signals को discuss किया है और अगर आप सीधे इसी आर्टिकल पर पहुंचे है तो आपसे गुजारिश है कि आप इन सभी Ranking Signals को Sequence में पढ़े और समझे क्यूंकि इनमे से किसी एक ranking signal को पड़कर या समझकर आपको कोई फायदा नहीं होने वाला है.

Helpful content system in Hindi | 6th Google ranking signal

Helpful Content System रैंकिंग सिग्नल को गूगल ने 18 अगस्त 2022 को लांच किया था और इस अपडेट को Helpful Content Update कहा गया था. वैसे जब गूगल ने इस अपडेट को लांच किया था उस समय हमने इस पर एक Complete article पब्लिश किया था जिसमे हमने Helpful Content Update से रिलेटेड सभी टॉपिक्स को कवर किया था. आपसे निवेदन है कि आप उस आर्टिकल को भी एक बार जरुर पढ़े.

इस ranking सिग्नल के बारे में हम पहले दुसरे आर्टिकल में बात कर चुके है इसलिए इस आर्टिकल में हम इसके बारे में ज्यादा डिटेल्ड में नहीं जायेंगे, ये सिर्फ एक Brief Introduction होगा.

What is Helpful Content System?

 Helpful Content System का मतलब है कि गूगल ऐसे कंटेंट को रैंक करना चाहता है जो लोगो ने, लोगो के लिए लिखा हो. ये लाइन पढने में तो काफी सिंपल है लेकिन इसमें बात बहुत गहरी कही गयी है. जो Websites सिर्फ गूगल पर रैंक हासिल करने के उद्देश्य से कंटेंट पोस्ट करती है उन सब websites को गूगल इस Helpful Content System के तहत Penalize करेगा और उनकी ranking Down कर देगा.

लेकिन बहुत सारे SEOs ने इस लाइन का ये मतलब निकाला कि वो कंटेंट जो लोगो ने लिखा हो,  ना कि किसी AI Tool ने लिखा हो और इससे आगे की लाइन वो खा गए जो है – लोगो के लिए लिखा हो.

How Does Helpful Content System Affect SEO?

कंटेंट किसने लिखा है ये भी जरुरी है और किसके लिए लिखा गया है ये भी जरुरी है और कंटेंट को लिखने के पीछे Writer का उद्देश्य है ये भी जरुरी है. गूगल ने बार-बार ये बोला है कि अपनी वेबसाइट में हमे AI Generated कंटेंट को use नहीं करना चाहिए क्यूंकि इस तरह का कंटेंट लोगो के लिए useful नहीं होता है.

AI generated Content vs Google

अब गूगल के AI Tools के बारे मे ऐसा बोलने का मतलब ये नहीं  है कि गूगल को AI टूल्स से नफरत है बल्कि गूगल का कहने का अर्थ है कि लोग इस AI generated कंटेंट का use सिर्फ गूगल के लिए करते है.

अब मान लीजिये आप अपनी वेबसाइट में किसी AI Tool की मदद से आर्टिकल लिखकर उसे पोस्ट करना चाहते है. अब इसके पीछे हमारे दो ही मुख्य कारण हो सकते है –

  1. आप अपनी वेबसाइट के कंटेंट को अच्छा बनाना चाहते है ताकि आपके Visitors को फायदा हो.
  2. आप ज्यादा से ज्यादा कंटेंट बिना Writers को पैसा दिए पब्लिश करना चाहते है ताकि आपकी वेबसाइट को ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक मिले और आपकी ज्यादा Earning हो

अब यहाँ पर अगर हम ईमानदारी से खुद से पूछे तो हम में से ज्यादातर लोग खुद को इस दूसरी केटेगरी में पाएंगे जिसमे हम ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक अपनी वेबसाइट पर Drive करना चाहते है. अधिकतर लोग AI कंटेंट को use ही इसलिए करना चाहते है क्यूंकि इसे generate करना आसान और फ़ास्ट है क्यूंकि एक टूल को एक आर्टिकल Generate करने में कितना ही टाइम लगेगा! इसी के साथ ये सस्ता भी है क्यूंकि एक AI Tool का Subscription एक Writer की सैलरी से कम ही होता है.

इसलिए जब कोई Webmaster सिर्फ ranking के लिए अपनी वेबसाइट पर AI Generated कंटेंट को पोस्ट करते है तो वो कंटेंट Visitors के लिए useful नहीं होता है क्यूंकि ऐसी परिस्थिति में वेबमास्टर का उद्देश्य visitor की हेल्प करना है ही नहीं!

अगर आप AI Tools का इस्तेमाल Research के लिए करते है या Analysis के लिए करते है या डेटा को Refine करने के लिए करते है और फिर इस डेटा के आधार पर आप एक ऐसा आर्टिकल तैयार करते है जिसमे बहुत सारी इनफार्मेशन मौजूद है, और जिसका उद्देश्य वेबसाइट के Visitor को ऐसा कंटेंट देना है जो सामान्यत: एक Writer नहीं  लिख पाता है तो आपका कंटेंट Index भी होगा और Top Position पर रैंक भी करेगा.

इसलिए गूगल इस system को Anti AI Signal नहीं बोल रहा है Anti Auto Generated System भी नहीं बोल रहा है और Manually Written Content Promotion Scheme भी नहीं बोल रहा है बल्कि इस system का नाम है Helpful Content System.

मैंने जो उदाहरण आपको अब तक दिए है उनमे सभी में मैंने AI Generated Content के बारे में बात की है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सिर्फ AI Generated Content ही खराब या अनुपयोगी होता है. हमारा कहने का भाव है कि जो कंटेट सिर्फ गूगल पर रैंक हासिल करने के उद्देश्य से पोस्ट किये जाते है वे कंटेंट कभी भी Stable रैंकिंग नहीं पा सकते है, अब वो कंटेंट चाहे AI Tools द्वारा लिखा गया हो या किसी Human Writer द्वारा लिखा गया हो.

ये एक Site Wide Signal है. अगर आप अपनी वेबसाइट के कुछ ही Pages पर ऐसा AI Generated या Unhelpful content पब्लिश करते है जो इस Helpful Content System को ट्रिगर कर देता है तो ऐसे में गूगल आपकी पूरी वेबसाइट की Ranking को डाउन करेगा ना कि सिर्फ उन्ही पेजेज को जिन पर आपने Un-useful कंटेंट पोस्ट किया है.

इस सिग्नल का ये सबसे खतरनाक असर है.

How to Optimize Website for Helpful Content System?

आप अपने कंटेंट को यूजर के लिए हेल्पफुल बनाईये, चाहे आप इसे कैसे भी बनाये. अगर कंटेंट का Motive जल्दी से जल्दी, ज्यादा से ज्यादा रैंक करना है तो ये Helpful Content System आपके कंटेंट को पकड़ लेगा और उसकी रैंक को Down कर देगा जिससे आपका कंटेट कभी भी रैंक नहीं करेगा.

अगर गूगल का ये Helpful Content System आपकी वेबसाइट पर Unhelpful कंटेंट देखता है तो आपकी वेबसाइट रातो-रात रैंक से बाहर नहीं होगी बल्कि आपकी वेबसाइट की रैंक धीरे-धीरे Down होगी जिसमे महीनो का समय भी लग सकता है.

ऐसा नहीं होगा कि जो आपकी वेबसाइट कल तक 1000 user/day ले रही थी वो अचानक से 100 user/day पर आ जाएगी. गूगल का ये system रैंक को धीरे-धीरे महीनो में कम करता है.

जिन websites की रैंक इस Helpful Content System की वजह से Down हुई है तो अगर वे अपनी वेबसाइट से इस AI Generated कंटेट को हटा देते है और लगातार Useful कंटेंट पब्लिश करते रहते है तो आपकी वेबसाइट से इस system का असर ख़त्म हो जायेगा और आपकी वेबसाइट दोबारा रैंक में आ जाएगी.

लेकिन जैसा कि इस असर को आने में महीनो का समय लगा था उसी तरह से इसे हटने में भी महीनो का समय लग सकता है लेकिन ऐसा नहीं है कि बिना अगली Core Update या Helpful Content System अपडेट के रैंक ठीक नहीं हो सकती है लेकिन इस प्रक्रिया में महीनो का समय लग सकता है इसलिए पहले से आप इस तरह के कंटेट को ना ही use करे तो बेहतर होगा.

अब काफी लोगो का सवाल होता है कि गूगल को कैसे पता लगेगा कि कोई कंटेंट किसी इन्सान ने लिखा है या AI Tool ने.

How will Google know, who wrote the content?

ये सवाल जायज भी है लेकिन गूगल इस बारे मे कोई जवाब नहीं देता है और शायद कभी जवाब देगा भी नहीं क्यूंकि गूगल अपने आप में काफी जीनियस है और ऐसा वो खुद से कभी नहीं बतायेगा कि वे इस तरह के Unhealthy content को कैसे पकड़ते है क्यूंकि अगर गूगल इसका Answer दे दिया तो लोग इसका भी कोई जुगाड़ ढूंढ ही लेंगे.

गूगल की एक और कंपनी है जिसका नाम है DeepMind जो Artificial Intelligence में दुनिया की Top 3 कम्पनीज में से एक है, जिसमे पहले पर Amazon दुसरे पर IBM और तीसरे नम्बर पर Deep Mind है. गूगल ने कई Artificial Intelligence और Machine Learning based  मॉडल्स ओपन सोर्स कर रखे है जिनका कोई भी use कर सकता है. गूगल AI की फील्ड में नया नहीं है.

अगर गूगल AI Content को बनाने के systems को बना सकता है जैसे BERT तो पकड़ने के systems को भी बना सकता है और में नहीं बतायेगा कि ये systems कैसे काम करते है!

Last Words:

आशा है आपको इस 6th Google Ranking Signal – Helpful Content System के बारे में काफी कुछ जानने को मिला होगा. इस पुरे ranking सिग्नल का Motive यही है की आप अपने कंटेट को यूजर के लिए ऑप्टिमाइज़ करे और कंटेंट को Valuable बनाये.

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