Google Freshness Systems Algorithm: 5th Google Ranking Signal

दोस्तों ये Google Ranking Signal Series का 5th आर्टिकल है जिसमे हम Google के पांचवे ranking signal – Freshness Systems के बारे में जानेंगे. अगर आप सिफ्हे इस आर्टिकल पर पहुंचे है तो आपसे गुजारिश है कि आप इस Series के सभी 19 Google Ranking Signals के बारे में शुरू से जाने क्यूंकि तभी आप इन Ranking Signals की Importance और इनके काम करने के तरीको के बारे में जान पाएंगे.

Google freshness systems algorithm: 5th Google ranking signal

 गूगल ने पहली बार अपनी Ranking Signals की लिस्ट पब्लिश की है जिसके आधार पर वो Websites को रैंक करता है और इन सभी Ranking Signals को हमने बारीकी से अलग-अलग आर्टिकल में discuss किया है इसलिए अगर आप SEO की फील्ड में अपना करियर देखते है या आप आने ब्लॉग/वेबसाइट को टॉप में रैंक करवाना चाहते है तो आप इन सभी Ranking Factors के बारे में जरुर जाने.

अगर आप इस Series के सिर्फ एक आर्टिकल को पढ़ते है तो भी आपको कोइ फायदा नहीं होने वाला है और आप इन Ranking Signals को Sequence में नहीं पढ़ते है तो भी आपको कोई फायदा नहीं होने वाला है इसलिए अगर आप सच में इस सीरीज का फायदा उठाना चाहते है तो आप इसे शुरू से पढ़िए.

इस आर्टिकल में हम Freshness Systems से रिलेटेड निम्न Questions को discuss करने वाले है –

  • Freshness System क्या है?  
  • Freshness System Algorithm कैसे काम करती है? 
  • Freshness Systems का SEO पर क्या असर पड़ता है?
  • अपनी वेबसाइट या पेजेज को Freshness System के लिए कैसे Optimize करे?

आईये अब इन सभी Google Ranking Signals को विस्तार से जानते है –

What is Freshness Systems Algorithm?

सन 2007 से गूगल के पास ये एक Freshness System नाम की Algorithm है जो हर गूगल सर्च को देखती है और ये decide करती है कि क्या इस गूगल सर्च को नार्मल कंटेंट दिखाना है या फिर लेटेस्ट फ्रेश न्यूज़ देनी है या फिर ये Search Query को लेटेस्ट फ्रेश कंटेंट की जरुरत है.

यहाँ पर इस Freshness का मतलब ये नहीं है कि आपका कंटेंट एकदम ताज़ा या Updated होना चाहिए, तभी वो गूगल में रैंक करेगा.

हमेशा याद रखिये की Google हमेशा नये और अपडेटेड पेजेज को ही टॉप रैंक नहीं देता है.

How does Freshness System Algorithm work?

Fresh का मतलब होता है ताज़ा,तो क्या इस Ranking Signal का मतलब  है कि आपकी वेबसाइट ताज़ा होनी चाहिए या नई होनी चाहिए या आपकी वेबसाइट का कंटेंट नया होना चाहिए, कितने दिनों में ये कंटेंट पुराना हो जाता है, कितने दिनों में आपको अपने कंटेंट को अपडेट करना चाहिए, क्या वेबसाइट इसलिए रैंक नहीं कर रही है कि आपका कंटेंट पुराना है

इन सारे सवालों का जवाब आपको Amit Singhal  से जानने को मिलेगा जो गूगल में एक सीनियर Software Engineer है. इन्होने 2007 में एक अल्गोरिथम बनाई और ये अल्गोरिथम गणित लगती है कि कौन सा गूगल यूजर फ्रेश कंटेंट देखना चाहता है या किस यूजर को सर्च रिजल्ट में फ्रेश कंटेंट दिखाई देना चाहिए.

अगर आप दिल्ली में बैठकर गूगल में Volcano सर्च करते है तो Amit Singhal द्वारा बनाई गयी ये अल्गोरिथम समझ जाएगी कि ये यूजर दिल्ली में है और इसके आस-पास कोई भी Volcano नहीं है तो मुझे इस यूजर को सर्च रिजल्ट में  Volcano से रिलेटेड नार्मल आर्टिकल्स और Videos दिखाने चाहिए, लेकिन अगर आप यही Volcano अमेरिका के Hawaii State में बैठकर सर्च करते है तो गूगल के Systems समझ जायेंगे कि ये यूजर इस वक्त Mauna Loa के पास है जो इस दुनिया का एक Active Volcano है, जहाँ से लावा निकलता रहता है इसलिए गूगल के systems आपको ऐसी चीजे सर्च रिजल्ट में दिखाते है, जो आपको इस Volcano से बचा सके.

Freshness System Algorithm working process

आईये जानते है कि Amit Singhal की इस अल्गोरिथम ने यहाँ क्या डिटेक्ट किया, जिससे यूजर को अलग-अलग सर्च रिजल्ट्स देखने को मिल रहे है. यहाँ अपर इस Algorithm ने यूजर की लोकेशन  के आधार पर ये डिटेक्ट किया कि किया यूजर को Volcano से रिलेटेड नार्मल इनफार्मेशन/कंटेंट दिखाना चाहिए या फिर Active Volcano से बचने के तरीको और उसके बारे में खबरों से रिलेटेड आर्टिकल्स को दिखाया जाये.

How does Freshness System affect SEO?

अगर इस Query Deserve Freshness System को लगता है कि किसी सर्च Query के लिए यूजर को फ्रेश कंटेंट दिखाना चाहिए तो गूगल सर्च रिजल्ट में फ्रेश कंटेंट दिखाया जाता है वरना यूजर को Normal सर्च रिजल्ट्स ही दिखाए जाते है.

इसका दूसरा मतलब ये हुआ कि हर तरह की वेबसाइट को अपने कंटेंट में दिखावे भर को Change करके उसको अपडेट करते रहने की जरुरत नहीं है क्यूंकि इससे आपके पेजेज की ranking में कोई फर्क नहीं पड़ता है.

जैसे मान लीजिये आपकी वेबसाइट Cooking Recipe से रिलेटेड है और आपने पनीर बटर मसला की Recipe को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश किया हुआ है, तो इस इस पेज को अब अपडेट करने की जरुरत नहीं है क्यूंकि पनीर बटर मसाला जैसा मई में बनता था वैसे ही जुलाई-अगस्त में बनेगा. इसलिए इस Recipe के पेज पर टाइम या लोकेशन के आधार पर कोई बदलाव नहीं आने वाला है. इस तरह के पेजेज को सिर्फ Formality के लिए या Ranking Factor के लिए अपडेट करने की जरुरत नहीं है.

How to optimize website for Freshness System?

अब हम इस Google Ranking Signal के अंतिम सवाल पर आते है कि अपने पेजेज या वेबसाइट को इस Freshness System Algorithm के लिए कैसे ऑप्टिमाइज़ करे?

इस सवाल का जवाब वैसे तो काफी सिंपल है कि अगर आपकी वेबसाइट किसी ऐसे टॉपिक या सर्विस या प्रोडक्ट के बारे मे है जो फ्रेश कंटेंट के योग्य है या जो फ्रेश कंटेंट को Deserve करती है तो ऐसी परिस्थिति में आपको अपने पेजेज को अपडेट करते रहना चाहिए.

अब यहाँ पर ये Question आ जाता है कि ये कैसे पता लगाये कि आपकी वेबसाइट या टॉपिक या प्रोडक्ट फ्रेश कंटेंट के योग्य है? इस सवाल का जवाब आपको इस अल्गोरिथम के Structure से पता लगेगा.

ये Freshness System अल्गोरिथम तीन parameters के आधार पर ये Decide करती है कि किसी टॉपिक या query के लिए फ्रेश कंटेंट की जरुरत है या नहीं है और ये तीन Parameters निम्नलिखित है –

  1. क्या वो टॉपिक/Query ब्लोग्स और magazines में कवर किया जा रहा है?
  2. क्या वो टॉपिक/Query News साईट में कवर किया जा रहा है?
  3. कितने लोग उस टॉपिकQuery के बारे में Actively Search या अचानक से सर्च कर रहे है?

अगर किसी टॉपिक को ब्लॉग या magazines में भी कवर किया जा रहा है और उस टॉपिक के बारे मे न्यूज़ websites भी लिख रही है और अचानक से लोग उसके बारे मे बहुत ज्यादा सर्च करने लगे है, तो गूगल उस टॉपिक को हॉट टॉपिक मानता है यानि कि ये एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में लोग ज्यादा जानना चाहते है, उसमे लोगो का Interest है और गूगल को लगता है कि इस टॉपिक के लिए ज्यादा फ्रेश कंटेंट दिखाए जाने की जरुरत है.

इसलिए अगर आपकी वेबसाइट किसी ऐसे टॉपिक को कवर करती है जो आमतौर पर न्यूज़ में रहते है, ब्लोग्स में छाए रहते है या फिर आप किसी ऐसे ब्रेकिंग न्यूज़ जैसे टॉपिक को कवर करते है जिसको लोग लगातार सर्च करते रहते है तो ऐसे में आपको अपने पेजेज को फ्रेश रखने की जरुरत है, आप उसे लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेटेड रखिये, उसमे फैक्ट्स और रिपोर्ट्स को भी ऐड करिए. इससे आपको फायदा जरुर मिलेगा.

लेकिन अगर आपकी वेबसाइट इस केटेगरी में नहीं है तो आप ऐसे ही फालतू में या दिखावे के लिए अपने पेजेज को अपडेट मत कीजिये क्यूंकि आप उस पेज में कोई छोटा-मोटा बदलाव करके और उसकी अपडेट की तारीख को Change करके सिर्फ अपना टाइम खराब करते है क्यूंकि इससे आपकी वेबसाइट की रैंक नहीं बढ़ेगी क्यूंकि गूगल हर टाइप की सर्च के लिए अपडेटेड लेटेस्ट पेजेज को रैंक नहीं करता है.

Last Words:

तो दोस्तों ये था 5th Google Ranking Signal – freshness systems जो बताता है कि हमे अपनी वेबसाइट के पेजेज को फालतू में बिना किसी मतलब के अपडेट नहीं करना है बल्कि जिस कंटेंट को जरुरत है सिर्फ उसी को अपडेट करना है.

अगर आपका इस Ranking Signal के बारे में कोई सवाल या सुझाव है तो हमे जरुर बताये. Your Feedback is useful for us.

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