How to Building links for SEO ? Link Building कैसे करे ?

Links Building, SEO की दुनिया का बहुत बड़ा पार्ट है और इसके बिना शायद हम अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को अच्छी रैंकिंग भी ना दिला सके क्यूंकि अगर Link है तो आपकी वेबसाइट में D.A (Domain Authority), Traffic, और Ranking अच्छे से Maintain रहेगी | आज के इस खुबसूरत आर्टिकल में हम जानेंगे कि How to Building links for SEO और अपनी वेबसाइट के लिए बेहतरीन Links और Backlinks कैसे बनाये?  

Links या Backlinks, SEO के लिए और खासतौर पर Google के लिए काफी ज्यादा इम्पोर्टेन्टहोती है | इसका मतलब ये हुआ कि Google आपके द्वारा बनाई गयी लिनक्स के उपर बहुत ध्यान देता है | आपके Links की Profiles, Speed, Relevancy, Type और Position सब कुछ Google मैन्युअल तरीके से चेक कर सकता है| इसलिए आपके लिए link building service के बारे में जानना काफी जरुरी है |

What Is SEO Link Building :

क्या कभी आपने सोचा है कि Links क्या चीज है,वो कैसी दिखाई देती है? एक सिंपल लिंक का Structure कुछ इस तरीके का होता है⬇

<a href=”https://example.com”>My First Link</a>

सबसे पहले हम एक सिंपल लिंक से मुलाकात करते है और आप विश्वास कीजिये आपके बहुत सारे Doubts तो इसे देखने मात्र से ही हल हो जायेंगे | उपर दिखाए गए लिंक में से अगर हम किसी भी एलिमेंट को हटा दे तो ये एक लिंक नहीं रह जाएगी |

 अगर मैं आपसे सवाल करू कि इस लाइन में सबसे इम्पोर्टेन्ट कौन सा होता है ⬇

<a href=”https://example.com”>My First Link</a>

इस लाइन में सबसे इम्पोर्टेन्ट पार्ट My First Link  है जो इसके बीच में आता है | ये एलिमेंट a है जिसका अर्थ है Anchor Text. ये पूरी लाइन जिसे हम लिंक कहते है ये एक Anchor का एलिमेंट है |

Html में Anchor की तरह और भी एलिमेंट होते है जैसे H1, H2, H3, Header और Footer आदि| अगर हम एक H1 एलिमेंट को देखे तो वो कुछ इस तरह का दिखाई देता है – <h1>Strong Header</h1>

अगर कोई आपसे पूछे कि इस लाइन में H1 क्या है तो इसका सही जवाब है – Strong Header

Attribute and Anchor text Describe graph
Image 1.1

इस प्रकार से इस लाइन में सबसे जरुरी चीज है इसका Anchor Text. जरा याद कीजिये कि गूगल के Official Documents या उनके Videos में हमेशा इस Anchor Text को ही सही करने की सलाह दी जाती है, क्यूंकि इस पुरे लिंक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यही है | इसलिए Building Links For SEO में हमे इस पर फोकस करना चाहिए |

अब इसके बाद आता है कि ये Anchor Text किसकी तरफ अपना इशारा कर रहा है, ये बताने का काम href पार्ट का होता है | Href का अर्थ है – Hypertext Reference. इस Image 1.1 में Href टैग जहाँ पर भी refer कर रहा है, वो इसके सामने URL के फॉर्मेट में लिखा हुआ है जो ये है – https://example.com इसलिएये पूरी लाइन एक लिंक है जिसमे Tags के बिच का टेक्स्ट इसका Anchor Text है और इसमें दिया गया URL इसका Attribute है|

इसलिए एक लिंक में सबसे इम्पोर्टेन्ट पार्ट उसका Anchor Text होता है और उसके बाद उसका Attribute जरुरी होता है |

Link Building Service:

हमेशा याद रखिये कि अगर किसी पेज में कोई भी लिंक बिना किसी <a> टैग के Add किया जाता है, केवल एक Plain Text की तरह तो उसे Google लिंक नहीं मानेगा | जैसे कई बार लोग अपने कंटेंट में लिंक ऐड करने के लिए Plain Text डाल देता है जैसे ‘https://example.com’ तो गूगल इसे कोई लिंक नहीं मानेगा |ज्यादातर Websites और उनके Platforms अपने आप ही URLs को Links में कन्वर्ट कर लेते है लेकिन कई बाद Platforms और Developers जान बुझकर कंटेंट में से URLs को links में कन्वर्ट नहीं करते है | ऐसा वे Spam स्कोर को रोकने के लिए करते है |

इसलिए अगर किसी पेज में बिना Anchor Text के कोई लिंक Add किया जाता है तो Google उसे लिंक नहीं मानेगा इसलिए इन्हें ऐड करना का कोई फायदा नहीं है | तो दोस्तों, ये था Links का एक गहरा परिचय | अब हम देखते है कि SEO के नजरिये से Links कितने प्रकार की होती है –

Types Of Link Building :

SEO के नजरिये से Links दो तरह की होती है –

Types of Links and Backlinks

A. Internal Links – ऐसी Links जो आप अपनी ही वेबसाइट के दुसरे Pages को देते है, उन्हें Internal Links कहा जाता है |

B. External Links – ऐसी Links जो आप किसी दूसरी Websites के पेजेज को देते है, उन्हें External Links कहा जाता है |

➦इसके आलावा Links का एक और Type होता है जो उनके Relationship के आधार पर होता है और इसके भी दो पार्ट होते है –

define Link relationship

‘rel’ Attribute किसी लिंक में जो URL होता है, उस URL का मौजूदा वेबसाइट के साथ Relationship बताता है यानि जिस वेबसाइट से उस URL को लिंक दिया जा रहा है उस वेबसाइट के साथ कैसा सम्बन्ध है |

A. No Follow

अगर आप सर्च इंजन को ये बताना चाहते है कि जिस वेबसाइट का लिंक मैं अपने पेज में दे रहा हु, इस वेबसाइट का लिंक तो मैं भले ही दे रहा हु लेकिन इसकी कोई गारंटी मैं नहीं लेता हु कि ये वेबसाइट अच्छी है या बुरी तो आप इस rel=”No Follow” का यूज़ करते है |

B. Follow (Do Follow)

ये No Follow का बिलकुल उल्टा होता है | Follow को लोग Do Follow भी कहते है | अगर किसी लिंक में No Follow, Attribute नहीं लगा हुआ है तो उसे Do Follow लिंक ही मन जाएगा | Do Follow के लिए कोई Attribute डालना जरुरी नहीं होता है |

Building links for SEO के लिए 2005 में गूगल ने Link Spam को रोकने के लिए इस ‘No Follow’ Attribute की घोषणा की थी | Forum Comments, Profile और Signature में लोग Links को झोंकते रहते थे तब गूगल ने ‘No Follow’ रिलेशन का इजाद किया और Webmasters को बढ़ावा दिया कि इस प्रकार की फालतू की लिनक्स को वे ‘No Follow’ में बदल दिया जाये |

अगर किसी लिजंक के साथ में ‘No Follow’ एट्रिब्यूट लग जाता था तो गूगल उस लिंक को फॉलो नहीं करता था | लेकिन September, 2019 से Google ने ‘No Follow’ को एक हिंट में बदल दिया मतलब ये कि अब अगर किसी लिंक में ‘No Follow’ Attribute लगा हुआ है तो ये जरुरी नहीं है कि Google उसे फॉलो नहीं करेगा | अब Google खुद Decide करेगा कि उस लिंक को फॉलो करना है या नहीं करना है | आने वाले Future Of SEO में हमे काफी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते है |

अभी तक आप समझ गए होंगे कि Links क्या होती है और ये कितने प्रकार की होती है | अब जानते है कि आखिर Links का यूज़ क्या होता है ?

Importance Of Link Building:

Links का SEO’s लिए तो एक ही यूज़ होता है लेकिन Google के लिए और भी कई तरीको से Links लाभदायक होती है |

1. सबसे पहला यूज़ तो ये होता है कि Links गूगल को बताती है कि कौन सा पेज कितना Useful है | Google ने Links के आधार पर Webpages को रैंक करना और इस रैंक के आधार पर उन Webpages को सर्च रिजल्ट ने दिखाना शुरू किया था | और इसी Links के आधार पर Webpages को रैंक करने वाली अल्गोरिथम ने Google को दुनिया का सबसे पोपुलर सर्च इंजन बना दिया | इसी अल्गोरिथम को Page Rank कहा जाता है |

लेकिन इस अल्गोरिथम का ये नाम Webpages को रैंक करने के लिए नहीं पड़ा है बल्कि Google के Co. Founder – Larry Page के नाम पर पड़ा है, जिन्होंने इस अल्गोरिथम का अविष्कार किया था |

2. Link Building Service का दूसरा यूज़ ये होता है कि ये Links गूगल को एक पेज से दुसरे पेज तक पहुँचने में मदद करती है | किसी पेज पर जब गूगल किसी लिंक को देखता है तो वो उसे Visit जरुर करता है चाहे आपने उसे अपने Sitemap में Submit किया हो या ना किया हो और चाहे आपने Index Tag यूज़ किया हो चाहे ना किया हो – गूगल उस लिंक को जरुर देखेगा |

Link Building Techniques इतनी सारी है कि उन सबका एक आर्टिकल में विवरण देना काफी मुश्किल हो जायेगा | इसलिए हम उन पार्ट्स को नज़रंदाज़ करते जायेंगे जो link Building SEO के लिए इम्पोर्टेन्ट नहीं है |

“ जब आप Links को बनाते है चाहे वो Internal Links हो या External Links हो, क्या किसी एक पेज पर मौजूद सभी Links एक जैसी होती है, अगर ऐसा होता तो मैंने ये पॉइंट उठाया ही नहीं होता |

देखिये, किसी भी पेज में टॉप पार्ट में जो Links होती है वो सबसे Best Links मानी जाती है | सबसे बढ़िया जो Page Rank मिलती है, वो इन्ही Links से मिलती है | अब जो निचे के कंटेंट में लिनक्स होती है वो Medium Quality की Links होती है | अब जो लिनक्स Footer और Sidebar में होती है वो सभी Low Quality की Links होती है |

इसलिए जब भी आप Guest Post करते है या कोई आपके कंटेंट को लिंक करना चाहता है और आपसे उसकी Position की राय मांगता ही तो हमेशा अपने कंटेंट को टॉप पार्ट में लिंक करवाइए | इसलिए जब आप अपने कंटेंट को किसी वेबसाइट से लिंक करते है तो हमेशा अपने कंटेंट को उसके कंटेंट के उपरी हिस्से में लिंक करे क्यूंकि यही Links आपके लिए Quality Backlink होती है जो आपके कंटेंट को ट्रैफिक और रैंक दोनों दिलाने में मदद करेगी|

➧उम्मीद है आपको Link Building Strategies के ये कुछ स्टेप समझ में आ गए होंगे | अगर आपको अच्छे से समझ नहीं आया है तो आप दोबारा से उपर के कंटेंट को पढ़ लीजिये क्यूंकि अब हम इसके बिलकुल विपरीत बात करने वाले है, जिसका आपके लिए समझना काफी ज्यादा जरुरी है |

Google Reasonable Surfer Model:

Google किसी भी पेज में मौजूद लिनक्स का मूल्यांकन करते वक्त सिर्फ उनकी पोजीशन नहीं देखता है, बल्कि Reasonable Surfer Model भी यूज़ करता है | आटोमेटिक सिस्टम पेज के टॉप में मौजूद लिंक को ज्यादा Importance देता है और निचे वाली Links को Medium Importance देता है और ये सच भी है |

लेकिन Reasonabale Surfer Model के द्वारा गूगल पेज का एक नार्मल Human विजिटर की तरह भी मूल्यांकन करता है और देखता है कि किस जगह एक Human Visitor के क्लिक करने के Chances ज्यादा है | अब जहाँ पेज के Bottom वाली Links मध्यम क्वालिटी की होती है लेकिन अगर किसी पेज में कंटेंट ऐसा है जिसमे Step By Step पॉइंट्स बताये गए है और उसके अंत में एक बड़े से बटन पर क्लिक करने का आदेश दिया जा रहा है तो ऐसे में गूगल उस लिंक को मध्यम क्वालिटी का नहीं मानेगा बल्कि उस लिंक की Importance हाई क्वालिटी की हो जाएगी |

बिलकुल ऐसा ही Sidebar की Links के साथ भी हो सकता है | अगर किसी पेज का डिजाईन और कंटेंट ऐसा है जिसमे उसका Sidebar काफी इम्पोर्टेन्ट हो जाता है, तो उसके Sidebar के links की गुणवता भी बढ़ जाएगी |

Building links for SEO के समय किसी पेज के टॉप में आने वाली लिंक Best quality की होती है, Bottom वाली Links मध्यम क्वालिटी की होती है, Footer और Sidebar की लिनक्स Low Quality की होती है लेकिन हमेशा Individual पेज को भी चेक करिए और ये सुनिश्चित कीजिये कि अगर पेज के Footer और Sidebar में Human के क्लिक करने के Chances ज्यादा है तो वो लिंक भी Best क्वालिटी Links का रूप ले सकती है |

What Is Link Relevance?

Link Building Service के दौरान आपने एक बात अवश्य सुनी होगी कि लिंक बनाते वक्त आपकी Links का Relevant (मिलती-जुलती) होना जरुरी है | लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये Relevant क्या होता है और ये किससे Relevant होनी चाहिए ?

➧मान लीजिये आपकी वेबसाइट है https://abc.com और आपकी इस वेबसाइट का लिंक एक दूसरी वेबसाइट पर जोड़ा जाना है जिसका URL है – https://example.com/abc-word

Describe Link relevancy
Image 1.2

इस पेज में काफी सारा कंटेंट लिखा हुआ है, और काफी सारे Paragraphs है और हमारी वेबसाइट का लिंक इमेज में दिखाए गए लाल कलर के Anchor टेक्स्ट के साथ दिया हुआ है | अब जो इस दूसरी वेबसाइट ने आपकी वेबसाइट को लिंक दिया है उसमे अगर आपको जांचना है कि ये लिंक आपके लिए Relevant है या नहीं तो आप निचे दिए गए Points को फॉलो कर सकते है –

दूसरी वेबसाइट का Domain Name हमारी वेबसाइट के Domain Name से मिलता-जुलता होना चाहिए |

इसमें आपकी वेबसाइट का डोमेन नाम दूसरी वेबसाइट के डोमेन नाम से Relevant नहीं है क्यूंकि आपका डोमेन नाम abc.com है इर उस वेबसाइट का डोमेन नाम Example.com है |

दूसरी वेबसाइट का पूरा URL आपकी वेबसाइट के पुरे URL से मिलता-जुलता होना चाहिए |

इसमें आपका लिंक Relevant है क्यूंकि उस वेबसाइट का पूरा URL है – example.com/abc-word और आपकी वेबसाइट का पूरा URL है – abc.com जिसमे abc दोनों में एक जैसा है |

☑ दूसरी वेबसाइट के Paragraph का Focus Keyword आपके URL से Relevant होना चाहिए |

दूसरी वेबसाइट के paragraph में abc word के बारे में बात की गयी है ( image 1.2) और abc हमारे URL में भी आता है, इसलिए ये भी Relevant है |

  दूसरी वेबसाइट के जिस Paragraph में आपकी वेबसाइट का लिंक दिया गया है, वो आपके पेज या लिंक से Relevant होना चाहिए |

ये भी आपकी वेबसाइट से relevant है क्यूंकि जिस पैराग्राफ में आपकी वेबसाइट का लिंक दिया गया है वहां पर भी Abc Word के सन्दर्भ में इनफार्मेशन है और आपका URL भी abc से सम्बंधित ही है | जिस जगह पर आपकी वेबसाइट का लिंक जोड़ा गया है ये सुनिश्चित करे कि वहां पर आपके उस लिंक किये हुए पेज से सम्बंधित जानकारी ही मौजूद हो |

☑ अंत में हमारा Anchor Text आता है | इस कंटेंट में सबसे उपर मैंने आपको बताया था कि Anchor Text ही एक लिंक का सबसे जरुरी पार्ट होता है | इसलिए Anchor Text आपके पेज और आपके URL के लिए Matching जरुर होना चाहिए |

इन पांचो पॉइंट्स में से जितने ज्यादा पॉइंट्स आप फॉलो कर पाएंगे उतनी ही ज्यादा आपकी लिंक Relevant मानी जाएगी | अगर आप चाहते है कि गूगल आपकी Links को Importance दे तो कम से कम आपको 3 से 4 पॉइंट्स तो Cover करने ही पड़ेंगे |

अब हम Building links for SEO के अगले सवाल पर आते है जो सबसे ज्यादा लोगो द्वारा पूछा जाता है कि हमे कितनी Links बनानी चाहिए ?

How Many Backlinks Per Day Is Safe?

हमे कितनी Backlinks बनानी चाहिए?

Links या Backlinks का टोटल वॉल्यूम कितना होना चाहिए ये आपको मैं तो क्या कोई भी नहीं बता सकता है क्यूंकि Links जितनी ज्यादा होगी उतना ही अच्छा है| लेकिन Links के बनने की स्पीड को Maintain करना बहुत जरुरी है| Link Building कोई One Time Activity नहीं है | जैसे SEO एक Continues प्रोसेस है वैसे Link Building भी एक Continues प्रोसेस होता है |

जरा सोचिये कि आपकी एक वेबसाइट है https://example.com और इस वेबसाइट को

  • Jan. के महीने में 11 Backlinks मिलती है,
  • Feb. के महीने में 12 नई Backlink मिलती है,
  • March में फिर 11 Backlink मिलती है,

(अब April के महीने में आप अपनी वेबसाइट का SEO करना शुरू करते हो इसलिए- )

  • April में आपके पास डेटाबेस में जितनी भी Websites होती है उन सब पर आप 200 Backlink बना देते है,

May में आप You-Tube Videos की सहायता से 300 और नई Backlinks बनाते हो लेकिन June में आपके पास Sources ख़त्म होने लगते है जिससे आपकी Backlinks की मात्रा एक दम कम होने लगती है |

Bad Backlink Generation Speed

अब ये जो आपकी Backlinks में अचानक से गिरावट आई है इसको देखकर ये समझना बिलकुल भी मुश्किल नहीं है कि यहाँ आपने Backlinks ज़बरदस्ती तरीके से बनाई है |

हमेशा याद रखिये कि Page Rank अल्गोरिथम ये सोचकर links के आधार पर पेज को रैंक करती है कि लिनक्स सिर्फ अच्छी Website को ही मिलेगी | अगर ये Link ही Natural नहीं है तो रैंक भी Real नहीं होगी इसलिए गूगल काफी सारे रिसोर्सेज को इन Websites के Links को Analysis करने में लगाता है |

 इस प्रकार की ज़बरदस्ती तरीके से बनाई गयी Backlinks से हो सकता है आप कुछ दिनों के लिए ट्रैफिक को जुटा भी ले लेकिन Google कुछ समय बाद इसे पकड़कर वेबसाइट की रैंक को सामान्य कर देता है | Link Building Service में आप हमेशा क्वालिटी Backlinks पर ही अपना फोकस रखे | अगर आप इस तरह की खराब Backlinks बनायेंगे तो आपका EAT Score भी खराब हो सकता है |

अगर आप काफी तेज़ी से अपनी Backlinks बनाते है तो Google इसे Unnatural Links मानेगा और इससे आपको कोई फायदा नहीं होने वाला और अगर आप बहुत Slowly तरीके से Backlinks बनाते है तो भी आपको इसका कोई Benefit नहीं मिलने वाला | इसलिए एक Strategy के साथ समान संख्या रखते हुए Backlinks बनाईये |

Backlink Advanced Guide:

कुछ लोग अपनी वेबसाइट के लिए Profile, Signature और Directory Submission टाइप की Backlink बनाते रहते है और उनका कई बार ये सवाल होता है कि क्या हमे इस टाइप की Backlink बनानी चाहिए और क्या इस टाइप की Backlink यूज़फूल होती है?

देखिये दोस्तों, इस सवाल का जवाब हाँ और ना, इन दोनों के बिच में है | आमतौर पर Search Engines आपको इस तरह की Backlinks बनाने की राय नहीं देंगे | Reality ये है कि जब आप अपनी नई वेबसाइट को एक दम शुरुआत से स्टार्ट करते है, लांच करते है तो उस समय आपके पास कोई भी Backlink नहीं होती है| अभी आपको कंटेंट भी डालना है, Outreach पर भी फोकस करना है लेकिन आपको Initial Traffic भी तो चाहिए |

Google या किसी भी Search इंजन के पास आपकी एक दम नई वेबसाइट के पास आने का की साधन नहीं है | इस शुरूआती दौर में जो ये Low Quality Backlinks होती है ये ही काम आती है | लेकिन हमेशा ये ध्यान रखिये कि आपको इन Backlinks पर निर्भर नहीं होना है क्यूंकि अगर आप हमेशा इन्ही Backlinks पर निर्भर रहेंगे तो आपकी Progress रुक जाएगी और आपको सही ट्रैफिक नहीं मिल पायेगा |

इसलिए ये Backlinks हमे बनानी चाहिए लेकिन कम और एक सिमित मात्रा में और फोकस रखिये हमेशा Quality Backlinks पर जहाँ से आपके कंटेंट को Rich मिलेगी |

अभी मैंने आपको बताया है कि हमे इन Low Quality Backlinks को कम मात्रा में बनाना चाहिए | क्या आप जानते है कि इसका क्या कारण है?

Editorial Links:

Building links for SEO के लिए हमे काफी स्टेप्स का अनुसरण करना पड़ता है | अगर कोई आपसे पूछे कि हमे ये Profile, Comments या Low Quality Backlinks हमे कम मात्रा में क्यों बनानी चाहिए और इसका क्या प्रमाण है कि वे Links काम नहीं करती है तो आप उसका एक ही लाइन में जवाब दे सकते है, वो है – Editorial Links.

किसी भी पेज में जब कंटेंट लिखने वाला कंटेंट के बिच मे किसी लिंक को Add करता है तो उसे Editorial Links कहते है | ये Links उस पेज का पार्ट होती है और उसके Writer ने इसे खुद जोड़ा है | इसके आलावा जो Comment, Signature और दूसरी टाइप की जो Backlinks होती है, वे ज़बरदस्ती ट्रिक से जोड़ी जाती है और वे Link Scheme मानी जाती है और ये Google की Policy का Violation होता है | इसके बारे में Google के Link Schemes वाले Document में बताया गया है |

इसलिए इस टाइप की Backlinks को बनाने में आप अपना ज्यादा समय नष्ट ना करे | इससे पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बार में मैं आपको उपर बता चूका हु | ये सिर्फ एक नयी वेबसाइट को Kick स्टार्ट देने के काम आती है |

What is Web 2.0 ?

इन्टरनेट के शुरुजाती दौर में Websites को उसको बनाने वाला ही बनाता था और उसे पब्लिश कर देता था | उस समय ऐसा कोई प्लेटफार्म नहीं था जिसमे यूजर Comment कर सकता हो  और ना ही ऐसा कोई प्लेटफार्म था जिसमे यूजर अपना कोई पेज या कंटेंट बना सकता हो | फिर धीरे-धीरे टाइम के साथ टेक्नोलॉजी Improve हुई और Social Media, Blog, Forum टाइप की वेबसाइट बननी भी शुरू हो गयी, जिसमे वेबसाइट visit करने वाले कुछ अपना कंटेंट भी Add कर सकते थे | इस तरह की Websites को Web 2.0 कहा गया |

2008 या 2010 तक शायद Web 2.0 वर्ड का यूज़ करना ठीक था लेकिन अब ये काफी कॉमन चीज है | अब हमे इसका उच्चारण बंद कर देना चाहिए क्यूंकि अब सब कुछ Web 2.0 से आगे निकल चूका है |

इसी बीच एक सवाल और काफी ज्यादा पूछा जाता है कि जो हमे अपनी वेबसाइट पर अपने आप ही Links मिलती रहती है, उन्हें कैसे रोका जाये ?

Stop Automated Links !

Automatic मिलने वाली links को कैसे रोके ?

देखिये, दोस्तों Links बनने से आप नहीं रोक सकते है क्यूंकि Linking या आपस का जो कनेक्शन है वो ही इन्टरनेट है | इन्टरनेट के अन्दर Links नहीं रुक सकती है लेकिन अच्छी बात ये है कि इन Links से आपको कोई नुकसान नहीं होता है | Google ऐसी Links को Ignore करना सिख चूका है | जो Domains आपको बिना मांगे Links दे रहे है वे बाकि Domains को भी दे रहे है इसलिए गूगल इन्हें Notice कर लेता है और इनका जो Positive या Negative जो भी प्रभाव होता है उसे Google ख़त्म कर देता है |

Building Links For SEO
Building Links For SEO

इसलिए आपको जो अपने आप ही Links मिलती रहती है उनसे आपको परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है क्यूंकि Google इन्हें ignore कर देता है | बहुत सारे Bloggers ऐसी Links को अस्वीकार करते रहते है, जो कि गलत है | इसके दो कारण ही –

1. जैसा कि मैंने आपको बताया कि गूगल आप Spam Links के लिए कोई Punishment नहीं देता है और इससे पड़ने वाले प्रभाव को खत्म कर देता है | इसलिए इन लिनक्स को Disavow करने पर आप जो भी अपना टाइम खर्च कर रहे है, वो बेकार है |

2. Links को Disavow करना काफी जटिल कार्य है | अगर आप गलती से किसी ऐसी लिंक या डोमेन को Disavow कर देते है, जिससे आपको फायदा हो रहा होता है तो वो आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है | इसलिए आप अपने आप मिलने वाली Backlinks को Disavow करने में अपना समय खराब ना करे |

Link Building / Backlink campaign:

Links या Backlinks कैसे बनाये ?

Link Building Service को मैं तीन Groups में बाँट देता हु, जिससे हमे इसे समझने में आसानी होगी –

  1. Make
  2. Grab
  3. Steal

अब हम इन तीनो पॉइंट्स के बारे में विस्तार से चर्चा करते है –

Make:

Make यानि की ऐसी Backlinks जो आप खुद से बनाते है | इसके अन्दर कौन-कौन सी Backlinks आती है –

  • Directory Submission
  • Social Profile
  • Qna Sites
  • Forum & Community
  • Genuine Blog Comments
  • Job Portals

ये Link Building Strategies का एक दम बेसिक पार्ट है | इसको कम मात्रा में SEO Campaign की शुरुआत में ही बनाया जाता है | ज्यादा क्वांटिटी में अगर ये Links होंगी तो आप हर Core Update के झटके खाते रहेंगे क्यूंकि ये Links आपकी वेबसाइट को Visibility देती है लेकिन ये Search Engines को Reference नहीं देती है|

Blog Comments का मतलब वो Automated Blog कमेंट वाली Script या टूल्स नहीं है | आप Genuinely Interesting कमेंट्स करिए जिससे ब्लॉग राइटर आपके कमेंट को हटा ना दे | Genuine Interaction के अपने फायदे होते है | इससे आप उस ब्लॉग ओनर के साथ अपने सम्बन्ध बनाते है जो आपको और भी अच्छे Links बनाने के मौके दिलाते है |

Grab:

Grab का अर्थ है लिंक लेना | इसके अंतर्गत हमारे निम्नलिखित Elements आते है –

  • Guest Blogging
  • Mention Links
  • Broken Links
  • Link Exchange
  • Testimonials

Link Building SEO का ये पार्ट Relations के उपर काफी Depend करता है | अगर आप ऐसे ही किसी से पूछेंगे कि मुझे आपकी वेबसाइट पर Guest Post लिखनी है तो, या तो बन्दा आपको इसके लिए मना कर देगा या फिर आपसे इसके लिए पैसे की मांग करेगा | इसके उपर बताये गए सभी पार्ट्स के साथ ऐसा ही घटित होता है |

इसको Achieve करने का सबसे Best तरीका है कि अपनी वेबसाइट की फील्ड के लोगो के साथ मेल-जोल बढाइये | Broken Links Strategy में हम किसी Webpage में मौजूद Links को देखते है और अगर उस पेज में ऐसा कोई लिंक है जो अब काम नहीं करता है तो हम उसके Owner को Inform कर सकते है कि आपका ये लिंक अब काम नहीं कर रहा है और उसकी जगह आप हमारे इस पेज को लिंक कर सकते है |

लेकिन इस बात का ध्यान रखे कि सामने वाला भी एक SEO है और वो जनता है कि Backlinks बहुत कीमती होती है इसलिए वो आपके पेज को ऐसे ही क्यों लिंक करेगा? – इसीलिए मैंने आपसे कहा है कि अपने फील्ड के लोगो के साथ अपना नेटवर्क बनाईये क्यूंकि अच्छे सम्बन्ध होने के कारन आप अच्छी Websites से फ्री में लिंक ले सकते है | Building links for SEO के लिए आपके अच्छे संबंधो का होना अति-आवशयक है |

Steal:

जैसा कि हम सब जानते है कि Steal का अर्थ चोरी करना होता है लेकिन यहाँ पर मैं आपको किसी प्रकार की कोई चोरी करने को नहीं बोल रहा हु | Steal Categories में हमारी ये Activities आती है –

  • Link Buying
  • Sponsoring
  • Killer Content

Link Buying –  जैसा कि आप सबको पता है कि गूगल Paid Links के उपर कितना Strict है और होना भी चाहिए | लेकिन गूगल इसे इतनी गहराई से सर्च नहीं करता है कि आपने जो Backlink बनाई है, उसके लिए आपने पैसे दिए है या नहीं दिए है | अगर आपको कुछ पैसे देकर अच्छी और बड़ी वेबसाइट से Backlink मिल रही है तो आप इसे ले सकते है लेकिन ध्यान रहे कि आप Backlink के चक्कर में किसी सस्ते और खराब Package को ना पकड़ ले| इसलिए आप Paid Backlink लेने के लिए Genuine लोगो को तलाश करे |

Sponsoring – इस प्रकार की Backlinks किसी Event, Function और Programs को Sponsor करते हुए मिलती है | इसमें Organizer पैसो के बदले में अपनी वेबसाइट पर आपके लिंक को Mention कर देते है |

Killer Content – Link Building Service में ये सबसे कठोर रणनीति है क्यूंकि इसके अन्दर आपको वास्तव में Genuine, Useful, Unique और Attractive कंटेंट लिखना होता है, जिसे लोग पढने के बाद बिना शेयर किये या बिना दुसरो को Recommend किये या बिना लिंक किये ना रह पाए | आप अपने कंटेंट से लोगो को मजबूर कर दीजिये लिंक देने के लिए | ये Building links for SEO का सबसे दमदार स्टेप है |

Backlink Campaign में हम चार टाइप की Links बनाते है –

Naked Link – ये Links आपके Home Page के लिए बनाई जाती है | इसमें Anhor Text आपका Domain नाम यानि कि आपका URL होता है |

Brand Link – ये Links आपके Brand Name पर बनती है | इसमें Anchor Text आपका ब्रांड नाम होता है|

Target Links – ये Links आपके  Keyword पर बनती है और इनमे टारगेट कीवर्ड आपका Anchor Text होता है |

Deep Links – ये Links आपके Internal Pages के लिए बनती है | जो Links आपके Internal Pages के लिए बनाई जाती है जिनमे बहुत ही useful कंटेंट होता है | ये Links उन पेजेज के लिए बनाई जाती है जिन्हें आप रैंक करवाना चाहते है |

आप इन चार तरह की Links आप बना सकते है और इनका आपस में Mix और Match करके भी Links बनाई जा सकती है | कुल-मिलाकर Link Building, SEO का एक ऐसा फील्ड है जो टेक्निकल से ज्यादा Creative है |

आपको एक Domain से एक महीने में कितनी Links लेनी है इसका कोई फिक्स नंबर नहीं है| आप Natural तरीके से कितनी भी Links बना सकते है |

निष्कर्ष:

इस कंटेंट में हमने Link Building Service के सन्दर्भ में लगभग सभी इम्पोर्टेन्ट पार्ट्स को cover किया है | अगर आपने भी अभी-अभी अपनी कोई वेबसाइट या ब्लॉग शुरू किया है और आप चाहते है कि आप अपनी वेबसाइट को नेचुरल तरीके से रैंक करवाए तो आप इस आर्टिकल में बताये सभी स्टेप्स का अनुसरण करके आप ऐसा कर सकते है |

अगर आपको लगता है कि इन सभी स्टेप्स को एक दम से फॉलो कर पाना मुश्किल है तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है | शुरुआत में जितने हो सके उतने Points को कवर करे और धीरे-धीरे इन स्टेप्स में वृद्धि करते रहे | कुछ टाइम बाद Building links for SEO की उलझन आपके लिए खत्म हो जाएगी | अगर आप पहले से ही Website Owner है तो भी आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ सकते है क्यूंकि हो सकता है कोई जानकारी आपके लिए भी उपयोगी साबित हो जाये |

Link Building एक काफी बड़ा प्रोसेस है और ये काफी जरुरी भी है इसलिए जितना ज्यादा आप इसमें अपना समय लगायेंगे उतना ही ज्यादा आपकी वेबसाइट के लिए ये फायदेमंद रहेगा| अपनी वेबसाइट को हमेशा Natural रखिए और उसके लिए नेचुरल तरीके से ही Links बनाये | ऐसा करके आप Google या किसी भी सर्च इंजन में अपनी वेबसाइट की अथॉरिटी बना सकते है | जब आपकी एक Authority Website बन जाती है तो उसकी Ranking में भी Boost मिलता है |

अगर आपको लगता है कि इस कंटेंट में हमने Link Building Strategies से सम्बंधित किसी जरुरी Step को Miss कर दिया है तो आप उसे comment सेक्शन के माध्यम से हमारे साथ जरुर साँझा करे जिससे सभी पाठको को उस इनफार्मेशन की समझ भी हो सके | अगर आपके किसी Relative के लिए ये आर्टिकल उपयोगी साबित हो सकता है तो इसे उसके साथ शेयर भी जरुर करे |

अपनी वेबसाइट को रैंक करने के लिए हमे कितनी Backlinks बनानी चाहिए?

इस सवाल का कोई फिक्स नंबर आपको कोई नहीं बता सकता है | Backlinks बनाना एक Continues प्रोसेस है | हमे एक अच्छी Strategy के साथ समान संख्या में लगातार Backlinks बनानी चाहिए | आपके Backlinks बनाने के ग्राफ में ज्यादा उतार-चढाव नहीं होना चाहिए इससे आपकी वेबसाइट प्रभावित हो सकती है |

क्या हमे Backlinks की वास्तव में आवश्यकता है?

Backlinks शुरू से ही SEO के फील्ड में अपना एक अहम रोल निभाती है | एक वेबसाइट को Backlinks के सहारे तेज़ी से रैंक करवाया जा सकता है और ऐसा लोग पहले भी करते थे और आज भी करते है | लेकिन हमेशा Natural तरीके से Backlink बनाये क्यूंकि ज़बरदस्ती तरीके से और ज्यादा मात्र में बनाई गई Low Quality Backlinks आपकी वेबसाइट के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है| शुरुआत में आप अपनी वेबसाइट को एक प्रारंभब देने के लिए आप इन Low Quality Backlinks का सहारा ले सकते है लेकिन इन पर निर्भर ना होए |

मेरी वेबसाइट को कितनी Websites ने लिंक किया है ? कैसे देखे?

आपकी वेबसाइट को कितनी External Websites ने लिंक किया है – ये आप Google Search Console की मदद से जान सकते है | इसके लिए इस लोकेशन पर जाये –
Search Console > Links > External links > Top linked pages
यहाँ से आप अपनी वेबसाइट की सभी External और Internal Links देख सकते है|

नमस्कार दोस्तों, मैं Mahakal-Blog का फाउंडर हु | ब्लॉग्गिंग करना मेरा प्रोफेशन है और मेरी रूचि, नई-नई चीजो के बारे में जानकारी अर्जित करना और उसे ब्लॉग्गिंग के मध्यम से लोगो के साथ शेयर करने में है | इस ब्लॉग को बनाने के पीछे हमारा मकसद यह है कि हम आपको ब्लॉग्गिंग और डिजिटल मार्केटिंग से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकदम सरल भाषा हिंदी में उपलब्ध करवा सके !

Share For Support:

Leave a Comment